एनसीआर टुडे. नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) के बिमल गुरुंग, रोशन गिरी समेत 6 नेताओं से उनके खिलाफ लंबित केसों की जानकारी मांगी है। इस मामले पर अगली सुनवाई दो अप्रैल को होगी। फरार चल रहे नेताओं की ओर से कहा गया है जो सत्ताधारी टीएमसी के सहयोगी बन गए, उनके मुकदमे रद्द हो रहे हैं। जबकि, उनके खिलाफ गिरफ्तारी की तलवार लटकी है। इस कारण वो चुनाव में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के इन नेताओं ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की सुप्रीम कोर्ट से मांग की है। पिछले 14 मार्च को याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया था। गिरी ने याचिका में कहा है कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दर्ज मामलों के चलते चुनाव में हिस्सा लेना मुश्किल है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में उनके खिलाफ दर्ज केसों की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जाने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि रोशन गिरी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को रोशन गिरी की फोन पर हुई बातचीत के ट्रांसक्रिप्ट सौंपे। राज्य सरकार ने कहा कि रोशन गिरी जेल से भी चुनाव लड़ सकते हैं और उनकी गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगनी चाहिए। 16 मार्च,2018 को सुप्रीम कोर्ट ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता बिमल गुरुंग की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की अर्जी खारिज कर दी थी।
गोजमुमो के छह नेताओं के खिलाफ लंबित केसों की जानकारी दें: SC
byncrtoday
-
0