वरिष्ठ पत्रकार टिल्लन रिछारिया पंचतत्व में विलीन

Tillan ji

एनसीआर टुडे. गाजियाबाद। वरिष्ठ पत्रकार टिल्लन रिछारिया आज पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके स्वर्गीय रिछारिया का अंतिम संस्कार आज सुबह हिडन घाट पर किया गया। उनके पुद्ध रवि रिछािरया ने पिता मुखग्नी दी। 

स्वर्गीय रिछारिया अपने पिछे पत्नी पुष्पा रिछारिया, पुत्र रवि रवि रिछािरया, बहू और नाती को छोड़ गए। टिल्लन रिछारिया 26 जुलाई को किसी काम से मध्यम प्रदेश में रतलाम के नजदीक जावरा में गए थे। 27 जुलाई वहां उन्होंने कुछ लोगों से मुलाकात भी की। 

इसके बाद 28 जुलाई की सुबह गेस्ट हाऊस में उनकी अचानक तबियत बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचने पर उनका देहांत हो गया। स्वर्गीय रिछारिया मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा के तहत पड़ने वाले धर्म स्थल कर्वी के निवरासी थे, जिन्होंने अपने पत्रकािरता जीवन की शुरूवात टाईम्स ऑफ इंडिया समूह के मुंबई से प्रकाशित समाचार पत्र ने धर्मयुग से की। 

सिनेमा, साहित्य और संगीत पर भी उनकी पकड़ काफी अच्छी थी. उनकी दो किताबें प्रकाशित थीं- 'बातें मुलाकातें' और 'मेरे आसपास के लोग'. उनकी एक और किताब आने वाली थी- 'मेरे हमदम मेरे दोस्त' जिसकी सूचना उन्होंने एक दिन पहले ही फेसबुक पर दी थी।

टिल्लन रिछारिया चित्रकूट में पैदा हुए थे. 71 साल पूरे कर चुके थे. मुंबई, इंदौर, दिल्ली सहित कई शहरों को उन्होंने अपना ठिकाना बनाया था। वे बिल्कुल स्वस्थ थे और लगातार सक्रिय भी थे। फेसबुक पर अपनी स्मृतियां लिख रहे थे. लेकिन उज्जैन जाते हुए उनकी अचानक तबीयत बिगड़ी. रतलाम में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से हिंदी पत्रकारिता की दुनिया शोक संतप्त है

इसके बाद उन्होंने, महान एशिया, ज्ञानयुग प्रभात, करंट, बोरीबंदर, हिंदी एक्सप्रेस, वीर अर्जुन, राष्ट्रीय सहारा (उमंग), हरिभूमि, कुबेर टाइम्स दैनिक भास्कर जैसे कई बड़े अखबारों में अपना योगदान दिया। 

स्वर्गीय रिछारिया को अखबारी दुनिया में ले-आऊट का मास्टर कहा जाता था। श्री रिछारिया एनसीआर टुडे की शुरूआत से प्रबंध संपादक के रूप में जुड़े रहे। स्वर्गीय रिछारिया कई पुस्तकों के लेखन पर काम कर रहे थे। हालहि में स्वर्गीय रिछारिया के देहवास की खबर से मीडिया जगत शौक व्याप्त है।

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मैं पिछले 19 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हूं। मैने अपने कैरियर की शुरूवात लोकल अखबारों से की। वर्ष 2001 में दैनिक भास्कर के साथ जुड़ने का अवसर मिला। 2008 की शुरूवात में दैनिक भास्कर का साथ छुटा। इसके बाद मैने इंडिया न्यूज में गाजियबाद-नोएडा में ब्यूरो प्रभारी के रूप में काम किया। कई समाचार पत्रों में काम करने के बाद अक्टूबर 2009 में एनसीआर टुडे समाचार पत्र शरू किया। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हूँ। मेरे मोबाइल नंबर 9899683800,पर किया जा सकता है।

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