रिजर्व बैंक द्वारा एनईएफटी और आरटीजीएस पर बैंक शुल्क समाप्त करने का कैट ने किया स्वागत

एनसीआर टुडे. नई दिल्ली। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एनईएफटी और आरटीजीएस पर बैंक शुल्क को समाप्त करने की आज रिजर्व बैंक की घोषणा का स्वागत किया है। यह आरबीआई का एक प्रगतिशील कदम है जो व्यवसाय समुदाय द्वारा डिजिटल भुगतान के अधिक उपयोग को प्रोत्साहित करेगा- कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा। इस कदम से उद्योग और अन्य क्षेत्रों के साथ देश में लगभग 2.5 करोड़ व्यापारियों को लाभ होगा।
खंडेलवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को पूरा करने के लिए, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भुगतान पर लगाए गए बैंक शुल्क को भी समाप्त करना चाहिए जिससे न केवल व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि आम लोगों को भी डिजिटल भुगतान अपनाने, स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा एवं दैनिक दिनचर्या में कार्ड भुगतान का स्वतंत्र रूप से उपयोग हो सकेगा ।यह देश में नकदी को बड़े स्तर पर खत्म कर देगा और समानांतर अर्थव्यवस्था पर भी अंकुश लगाएगा। उन्होंने सुझाव दिया है कि सरकार को कार्ड से भुगतान पर बैंक शुल्क सीधे बैंकों को देना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि सरकार को डिजिटल भुगतान को अपनाने पर कुछ प्रकार के प्रोत्साहनों की भी घोषणा करनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल भुगतानों को अपनाएं और स्वीकार करें। खंडेलवाल ने पीओएस मशीनों पर आयात शुल्क माफ करने का भी सुझाव दिया ताकि लोग सस्ती कीमत पर समान आयात कर सकें। कैट इस बारे में जल्द ही वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को एक श्वेत पत्र सौंपेगा।


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मैं पिछले 19 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हूं। मैने अपने कैरियर की शुरूवात लोकल अखबारों से की। वर्ष 2001 में दैनिक भास्कर के साथ जुड़ने का अवसर मिला। 2008 की शुरूवात में दैनिक भास्कर का साथ छुटा। इसके बाद मैने इंडिया न्यूज में गाजियबाद-नोएडा में ब्यूरो प्रभारी के रूप में काम किया। कई समाचार पत्रों में काम करने के बाद अक्टूबर 2009 में एनसीआर टुडे समाचार पत्र शरू किया। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हूँ। मेरे मोबाइल नंबर 9899683800,पर किया जा सकता है।

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