एनसीआर टुडे. नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री पर लगाए आरोपों को स्तरहीन बताते हुए कहा कि उसकी भाषा पाकिस्तानियों जैसी है। उन्होंने कहा कि पुलवामा घटना के बाद जिस तरह से कांग्रेस भाजपा और सरकार पर आरोप लगा रही है उससे पाकिस्तान में खुशी की लहर है।
केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि भाजपा नेता ने कहा कि पांच दिन तक पुलवामा हमले के बाद देश और सरकार के साथ खड़े होने का दिखावा कर आज कांग्रेस का सही चेहरा सामने आ गया है। कांग्रेस देश की एकता को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उनके बयानों से देश के लोग विचलित हो रहे हैं। सेना का मनोबल तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
रविशंकर ने कहा कि कांग्रेस ने शर्मिंदगी भरे आरोप लगाए हैं। प्रधानमंत्री पुलवामा हमले के दौरान एक आधिकारिक कार्यक्रम में गए हुए थे। खराब मौसम के कारण उन्होंने हमले की जानकारी मिलने के बाद वहीं पर बैठक की। कांग्रेस और भाजपा की सोच में बुनियादी अंतर है। हम मानते हैं कि देश चलना चाहिए और आतंक के आगे नहीं झुकना चाहिए। कांग्रेस को उससे भी परेशानी है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपने बयान में बहुत घटिया बात की है। हम उनकी तरह स्तरहीन बातें नहीं करते हैं। हमने कई बार कांग्रेस अध्यक्ष के रवैये पर राजनीति नहीं की। केदारनाथ हादसे के दौरान मनमोहन सिंह सरकार के समय राहुल गांधी के लिए आईटीबीपी का कैंप खाली कराया गया था। प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के प्रवक्ता जिस लहजे में बात कर रहे हैं उससे लगता है कि उनका स्वर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से मिल रहा है। कांग्रेस की टिप्पणियों को देखकर पाकिस्तान में खुशी आई होगी।
भाजपा नेता ने कहा कि देश आज अगर सुरक्षित है तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रयासों के चलते है। भारत की कार्रवाई ने पाकिस्तान को घुटने पर ला दिया है और वहां के व्यापारी आयात पर लगे शुल्क से परेशान हो रहे हैं। दूसरी ओर अलगाववादियों की सुरक्षा हटा ली गई है। मोदी सरकार के कार्यकाल में 2015 से 2018 के बीच 728 आतंकी मारे गए, जबकि कांग्रेस के कार्यकाल में 2011-14 के दौरान 349 आतंकी मारे गए थे। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस से और अधिक क्या उम्मीद की जा सकती है। वह सर्जिकल हमले पर सबूत मांगती है और सेना प्रमुख पर घटिया बयान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सर्जिकल हमले पर सबूत मांगते हैं लेकिन लंदन में भारतीय चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने पर सबूत नहीं मांगते।