पर्यावरण सन्तुलन के दृष्टिकोण से बायो गैस, बायो कोल संयन्त्र आज की जरूरत-आयुक्त
प्रदेश में वर्ष 2022 तक लगेंगे 650 बायोगैस संयन्त्र, मार्च 2019 तक 15 लगाने का लक्ष्य-आयुक्त
ब्रिकेट्स उत्पादन, जन उपयोगी व पर्यावरण को सन्तुलित करने वाला कदम-अनीता सी मेश्राम
प्रदेश में अब न नजर आयेगा पराली का धुँआ, कृषि, वानिकी व उद्योगों के अपशिष्ट का होगा बेहतर उपयोग-आयुक्त
एनसीआर टुडे. मेरठ। प्रदेश में अब न नजर आयेगा पराली का धुँआ। कृषि अपशिष्ट, वानिकी अपशिष्ट व उद्योगों के अपशिष्ट के बेहतर व कारगर निस्तारण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा विकास बोर्ड आगे आया है। बोर्ड द्वारा 10 करोड़ रूपये से कम व 100 करोड़ रूपये से अधिक के बायो गैस व बायो कोल उद्योग आदि की स्वीकृति के लिए अलग-अलग तीन स्तरीय कमेटी बनायी गयी है। 10 करोड़ रूपये से कम की यूनिट की स्वीकृति के लिए मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में गठित 18 सदस्यीय कमेटी की आयुक्त सभागार में बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त अनीता सी. मेश्राम ने जनपद बागपत के ग्राम गौरीपुर में 2.60 करोड़ रूपये से बायो कोल इण्डिया, दिल्ली की कम्पनी को स्वीकृति प्रदान की। आयुक्त ने इसे साहसिक, जन उपयोगी व पर्यावरण को सन्तुलित करने वाला कदम बताया।
जैव ऊर्जा उद्यम प्रोत्साहन कार्यक्रम क्रियान्वयन हेतु मण्डल स्तर पर आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी की आयुक्त सभागार में आहुत बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने कहा कि जो भी उद्योग स्थापित हों व राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) व पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण(ईपीसीए) के द्वारा दिये गये दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए स्थापित हों तथा सभी सम्बन्धित विभागों से एनओसी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि बायो गैस व बायो कोल संयन्त्र आज की जरूरत है तथा यह पर्यावरण सन्तुलन के दृष्टिकोण से अति आवश्यक है, इस प्रकार के संयन्त्र पर्यावरण को संरक्षित व संतुलित रखने में सहायक होंगे।
आयुक्त ने बताया कि कमेटी द्वारा जनपद बागपत की तहसील बागपत के ग्राम गौरीपुर में 60 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में 2.60 करोड़ रूपये से दिल्ली की मैसर्स बायो कोल इण्डिया, कम्पनी को उद्योग लगाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गयी है। उन्होंने बताया कि कम्पनी द्वारा कृषि अपशिष्ट, वानिकी अपशिष्ट व लकड़ी आदि से सम्बन्धित उद्योगों के अपशिष्ट से बेलनाकर व वर्गाकार ब्रिकेट्स का उत्पादन किया जायेगा। यह ब्रिकेट्स भट्टों, बॉयलर में उपयोग किये जा सकते हैं साथ ही नेशनल थर्मल पॉवर कॉर्पोरेशन(एनटीपीसी) द्वारा भी इन ब्रिकेट्स को क्रय किया जायेगा। उन्होंने बताया कि ब्रिकेट्स का अनुमानित विक्रय मूल्य 5,500 रूपये प्रति टन होगा जो कि कोयले के 14,000 रूपये प्रति टन से काफी सस्ता होगा।
आयुक्त ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा विकास बोर्ड द्वारा बायो गैस व बायो कोल आदि उद्योगों की स्वीकृति के लिए तीन स्तरीय कमेटी बनाकर स्वीकृति की व्यवस्था की गयी है, जिसमें 10 करोड़ रूपये से कम के उद्योगों के लिए आयुक्त की अध्यक्षता में 18 सदस्यी कमेटी व 10 करोड़ रूपये से अधिक तथा 100 करोड़ रूपये से कम के उद्योग केे लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में कमेटी बनायी गयी है तथा 100 करोड़ रूपये से अधिक के उद्योग के लिए मुख्य सचिव उ0प्र0 शासन की अध्यक्ष्ता में कमेटी का गठन किया गया है।
उ0प्र0 राज्य जैव ऊर्जा विकास बोर्ड के राज्य समन्वयक व सदस्य संयोजक पी.एस. ओझा ने बताया कि बोर्ड द्वारा प्रदेश में वर्ष 2022 तक 650 बायोगैस संयन्त्र लगाने का लक्ष्य है जिसमें से मार्च 2019 तक 15 लगाने का लक्ष्य है। इन 15 मंे से 6 पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि जनपद बागपत में स्थापित होने वाले युनिट की क्षमता 30 टन प्रतिदिन अथवा 8000 मैट्रिक टन प्रतिवर्ष की होगी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा उद्योगों की स्थापना में छूट की व्यवस्था की गयी है जिसके अन्तर्गत परियोजना लागत का 25 प्रतिशत पूंजीगत उपादान तथा स्टाम्प ड्यूटी में शत् प्रतिशत की छूट व एसजीएसटी में आगामी 10 वर्ष तक शत्प्रतिशत प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गयी है।
उन्होंने बताया कि कम्पनी द्वारा कृषि अपशिष्ट, वानिकी अपशिष्ट, एग्रो उद्योग अपशिष्ट, पेड़ की छंटाई से प्राप्त अपशिष्ट, बायोमास, पार्क व गार्डन से प्राप्त अपशिष्ट, सब्जी मण्डी से प्राप्त अपशिष्ट, सब्जी व फल के अपशिष्ट, स्थानीय साप्ताहिक बाजार के अपशिष्ट, ऑग्रेनिक अपशिष्ट, प्लाईवुड उद्योग, लकड़ी के उद्योगों के अपशिष्ट, चीनी, चावल मिल व तेल पर आधारित उद्योगों के अपशिष्ट आदि कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जायेगा। जिससे ब्रिकेट्स का उत्पादन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि कम्पनी द्वारा किसानों से 1.50 रूपये प्रतिकिलो की दर से पराली का क्रय किया जायेगा। इसके लिए वह क्रय केन्द्र की स्थापना भी करेगी। कम्पनी द्वारा 25 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध कराया जायेगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, बागपत पी0सी0जयसवाल, ए0एस0पी0 बागपत राजेश कुमार श्रीवास्तव, उपनिदेशक अर्थ एवं सांख्यिकी, मेरठ मण्डल डा0 शुऐब अहमद, अपर आयुक्त वाणिज्य कर वी0एन0 सिन्हा, उप श्रमायुक्त मेरठ/बागपत दीप्ति मान भट्ट, उप कृषि निदेशक बागपत प्रशान्त कुमार, उप निदेशक कारखाना, मेरठ मण्डल सुभाष चन्द्र विश्वकर्मा, परियोजना अधिकारी यूपी नेडा, एम.जावेद खान, मैसर्स बायोकोल इण्डिया के अरूण मिश्रा, प्रतिनिधि अपर आयुक्त उद्योग, सुनील सौभरि सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।