नई दिल्ली, 22 जून, एनसीआर टुडे (ncr today)। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए)
ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ यहां हुए प्रदर्शनों के दौरान देश में कथित
रूप से आतंकवादी हमले की साजिश रचने के मामले में एक कश्मीरी महिला की जमानत अर्जी
का दिल्ली की एक अदालत में विरोध किया।
एनआईए ने अदालत में कहा कि आईएसआईएस से कथित संपर्क के मामले में
पिछले साल अपने पति जहांजैब सामी और एक अन्य आरोपी अब्दुल बासित के साथ गिरफ्तार की
गयी हिना बशीर बेग ने मुसलमानों को गैर-मुस्लिमों के खिलाफ उकसाया था और देश के खिलाफ
‘विद्रोह को उकसाया’ था।
एजेंसी ने दावा किया कि आरोपी इस्लामिक स्टेट की विचारधारा को बढ़ावा
दे रही थी और सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों को उकसा रही थी।
मामले पर सितंबर में सुनवाई होगी। इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस
(आईएसकेपी) से कथित संबंधों के मामले में तीनों आरोपियों को दिल्ली पुलिस की विशेष
शाखा ने पिछले साल मार्च में गिरफ्तार किया था और वे अभी न्यायिक हिरासत में हैं। मामला
बाद में एनआईए को हस्तांतरित कर दिया गया।