UP के सरकारी स्कूलों का बुरा हाल : हेमा मालिनी

एनसीआर टुडे. नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की बदहाली का मामला मंगलवार को लोकसभा में उठाया गया। सांसद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा नहीं मिल रही है इसलिए केन्द्र सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। मशहुर अभिनेत्री एवं मथुरा से भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हेमा मलिनी ने शून्य काल में यह मसला उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नयी एकीकत शिक्षा योजना बनाने के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थीसरकार यह योजना 'सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा के विज़न के परिप्रेक्ष्य में लेकर आयी थी। इसका लक्ष्य पूरे देश में प्री-नर्सरी से के लिए राज्यों की मदद करना है।
लेकर बारहवीं तक की शिक्षा सुविधा सबको उपलब्ध कराने के लिए राज्यों की मदद करना है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार इस पर अमल नहीं कर रही है और सरकारी स्कूलों में नामांकन में 60 प्रतिशत की कमी देखी गई है और इसी के चलते श्री मोदी का सपना पूरा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा “मैंने कई स्कूलों में जाकर देखा कि एक ही इमारत में चार पांच स्कूल चल रहे हैं और कई स्कूलों में 100 बच्चों को एक शिक्षक पढ़ा रहा था। अनेक स्कूल पेड़ के नीचे चल रहे थे और इनमें पेयजल तथा शौचालय की सुविधाओं की कमी थी।" श्रीमती हेमा मालिनी ने कहा कि अगर यही हाल रहा तो गांव के बच्चों को बेहतर और गुणवत्ता युक्त शिक्षा नहीं मिल सकेगी और जिस प्रकार केन्द्र सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी निजी सहभागिता (पीपीपी) माडल अपनाया है वह माडल भी प्राइमरी और स्कूली शिक्षा में लागू हो


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मैं पिछले 19 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हूं। मैने अपने कैरियर की शुरूवात लोकल अखबारों से की। वर्ष 2001 में दैनिक भास्कर के साथ जुड़ने का अवसर मिला। 2008 की शुरूवात में दैनिक भास्कर का साथ छुटा। इसके बाद मैने इंडिया न्यूज में गाजियबाद-नोएडा में ब्यूरो प्रभारी के रूप में काम किया। कई समाचार पत्रों में काम करने के बाद अक्टूबर 2009 में एनसीआर टुडे समाचार पत्र शरू किया। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हूँ। मेरे मोबाइल नंबर 9899683800,पर किया जा सकता है।

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