बैंक घाटाला, सतपाल की जमानत खारिज

एनसीआर टुडे. गाजियाबाद। सीबीआइ कोर्ट के विशेष जज राजेश चौधरी ने मालीवाड़ा स्थित केनरा बैंक घोटाले के आरोपित सतपाल सिंह यादव की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
सीबीआइ ने सतपाल को पांच फरवरी को ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल से गिरफ्तार कर सीबीआइ कोर्ट में पेश किया था। जहां अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। सीबीआइ के अनुसार केनरा बैंक की गाजियाबाद स्थित मालीवाड़ा व दिल्ली स्थित विवेक विहार शाखा से जुड़ा यह घोटाला वर्ष 2009 का है। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर मैसर्स सुप्रीम सेरेमिक्स लिमिटेड को करीब 12.63 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत किया गया।
जबकि यह फर्म पूर्व में कई बैंक से लोन ले चुकी थी। साजिश के तहत बिना जांच-पड़ताल किए लोन देकर घोटाले को अंजाम दिया गया। मामले में केनरा बैंक तत्कालीन डीजीएम अशोक कुमार अग्रवाल की शिकायत पर सीबीआइ ने वर्ष 2012 में तत्कालीन डीजीएम चमन रावल, तत्कालीन एजीएम एसके राजदान, पूर्व मुख्य प्रबंधक मालीवाड़ा शाखा वाइपी महाजन, पूर्व मुख्य प्रबंधक विवेक विहार शाखा पी. अरविंदम, क्रेडिट मैनेजर एसके रुंगटा व बी. रवि, मैसर्स सुप्रीम सेरेमिक्स लिमिटेड के तत्कालीन डायरेक्टर आशीष टापरिया, शरद लोहाटी, ऋषि टापरिया, फर्म के निदेशक सतपाल यादव, रतन यादव, विकास जोशी व फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। एक आरोपित एसके रुंगटा की मौत हो चुकी है। अदालत के समन के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए ऋषि टापरिया और जीएम अरविंदम ने अलग-अलग तारीख में कोर्ट में समर्पण कर दिया था जबकि सतपाल यादव फरार चल रहा था। उसे सीबीआइ ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था।


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मैं पिछले 19 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हूं। मैने अपने कैरियर की शुरूवात लोकल अखबारों से की। वर्ष 2001 में दैनिक भास्कर के साथ जुड़ने का अवसर मिला। 2008 की शुरूवात में दैनिक भास्कर का साथ छुटा। इसके बाद मैने इंडिया न्यूज में गाजियबाद-नोएडा में ब्यूरो प्रभारी के रूप में काम किया। कई समाचार पत्रों में काम करने के बाद अक्टूबर 2009 में एनसीआर टुडे समाचार पत्र शरू किया। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हूँ। मेरे मोबाइल नंबर 9899683800,पर किया जा सकता है।

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