न्यायमूर्ति सीकरी ने राव को अंतरिम निदेशक बनाने के खिलाफ याचिका की सुनवाई से खुद को अलग किया

एनसीआर टुडे. नई दिल्ली। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एम नागेश्वर राव की सीबीआई के अंतरिम निदेशक पद पर नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई नहीं हो सकी क्योंकि न्यायमूर्ति ए के सीकरी ने इस मामले से खुद को अलग कर लिया। सीबीआई के अंतरिम निदेशक पद पर नागेश्वर राव की नियुक्ति को चुनौती देने वाली गैर सरकारी संगठन कामन काज की याचिका न्यायमूर्ति ए के सीकरी की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध थी।
यह मामला सुनवाई के लिये सामने आने पर न्यायमूर्ति सीकरी ने कहा कि वह इससे खुद को अलग कर रहे हैं और उन्होंने इसे किसी अन्य पीठ के समक्ष शुक्रवार के लिये सूचीबद्ध कर दिया।
न्यायमूर्ति सीकरी सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को पद से हटाने का निर्णय करने वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सदस्य थे। नागेश्वर राव की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका सुनवाई के लिये पेश होते ही न्यायमूर्ति सीकरी ने इस संगठन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्त दुष्यंत दवे से कहा कि वह इस मामले की सुनवाई नहीं करना चाहते।
न्यायमूर्ति सीकरी ने कहा, आप मेरी स्थिति को समझिये। मैं इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकता। इस पर दवे ने कहा, यदि यह बहुत हताश करने वाला है और यह ऐसा आभास दे रहा है कि आप इसकी सुनवाई नहीं करना चाहते हैं। इससे पहले प्रधान न्यायाधीश ने भी इसकी सुनवाई से स्वंय को अलग कर लिया था। अब आप (न्यायमूर्ति सीकरी) इस मामले से खुद को अलग कर रहे हैं।
इस पर न्यायमूर्ति सीकरी ने कहा कि वह इस मामले से अलग हो रहे हैं और कुछ नहीं कह सकते हैं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सोमवार को कामन काज की इस याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। प्रधान न्यायाधीश ने कहा था कि वह जांच एजेन्सी के नये मुखिया का चयन करने वाली समिति का हिस्सा होंगे।
दवे ने कहा कि यदि न्यायमूर्ति सीकरी इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग करना चाहते थे तो उन्हें पहले ही ऐसा करना चाहिए था। न्यायमूर्ति सीकरी ने दवे से कहा कि यदि यह प्रशासनिक आदेश होता तो उन्होंने खुद को इससे अलग कर लिया होता परंतु न्यायिक पक्ष की ओर से आदेश पारित होने की वजह से वह इसकी सुनवाई के लिये एकत्र हुये बगैर खुद को इससे अलग नहीं कर सकते थे।
दवे ने कहा कि यदि न्यायमूर्ति सीकरी इस मामले की सुनवाई करते हैं तो उन्हें इससे कोई समस्या नहीं है। अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि यदि न्यायमूर्ति सीकरी इसकी सुनवाई करते रहते हैं तो उन्हें इससे कोई समस्या नहीं है। गैर सरकारी संगठन कामन काज ने इस याचिका में सीबीआई के निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया मे पारदर्शिता सुनिश्चित करने की स्पष्ट व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।


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मैं पिछले 19 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हूं। मैने अपने कैरियर की शुरूवात लोकल अखबारों से की। वर्ष 2001 में दैनिक भास्कर के साथ जुड़ने का अवसर मिला। 2008 की शुरूवात में दैनिक भास्कर का साथ छुटा। इसके बाद मैने इंडिया न्यूज में गाजियबाद-नोएडा में ब्यूरो प्रभारी के रूप में काम किया। कई समाचार पत्रों में काम करने के बाद अक्टूबर 2009 में एनसीआर टुडे समाचार पत्र शरू किया। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हूँ। मेरे मोबाइल नंबर 9899683800,पर किया जा सकता है।

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