<no title>चिटफंड कंपनी अल्केमिस्ट: तृणमूल सांसद केडी सिंह की 238 करोड़ की संपत्ति जब्त

एनसीआर टुडे. नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल और सीमावर्ती राज्यों में चलने वाली चिटफंड कंपनी अल्केमिस्ट ग्रुप ऑफ कंपनीज की हरियाणा व चंडीगढ़ में स्थित 238 करोड़ रुपये की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जब्त कर ली है। कंपनी पर लोगों के 1900 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद केडी सिंह इस कंपनी के मालिक हैं। यह जानकारी ईडी के प्रवक्ता सुभेंदु परही की ओर से दी गई है। मामले में कंपनी पर मनी लांड्रिंग करने का आरोप है। ईडी ने कंपनी के कोलकाता के कई बैंकों में मौजूद उनके खातों को भी सील कर दिया है।
ईडी ने आज चंडीगढ़ के पास कुफरी स्थित उनके रिसोर्ट, चंडीगढ़ स्थित शोरुम समेत पंचकूला, पंजाब और हरियाणा में उनकी संपत्तियों को जब्त किया है। इसके साथ ही ईडी ने एचडीएफसी और पीएनबी बैंक में मौजूद केडी सिंह के खाते सील किए हैं।
आरोप है कि इस ग्रुप ने निवेशकों से विभिन्न पोंजी योजनाओं के जरिए 1,900 करोड़ रुपये की उगाही की थी। बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य सीमावर्ती राज्यों में ज्यादा मुनाफा देने का प्रलोभन देकर कंपनी लोगों के पैसे को डकार गयी। जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी ने कहीं जमीन के नाम पर तो कहीं अधिक रिटर्न के नाम पर रुपये वसूले थे। हालांकि उन रुपयों को दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया।
इस मामले में पहले सेबी ने कंपनी के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज करवाया था। बाद में उसी मुकदमे की जांच के दौरान मनी लांड्रिंग के अपराध का खुलासा होने पर ईडी ने भी मुकदमा दर्ज किया था। उल्लेखनीय है कि केडी सिंह भारतीय हॉकी महासंघ और हॉकी एसोसिएशन ऑफ हरियाणा के अध्यक्ष भी हैं। उनका राजनीतिक कैरियर भी विवादों में रहा है। उनपर यह भी आरोप है कि केडी सिंह ने ही अपनी अल्केमिस्ट कंपनी के माध्यम से की गई उगाही के बूते सत्तारूढ़ तृणमूल के खिलाफ नारद स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम दिलवाया था ताकि वीडियो फुटेज के आधार पर तृणमूल को अपने काबू में रखा जा सके।
इसका खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि केडी को राज्यसभा का सांसद बनाना उनकी सबसे बड़ी भूल थी। हालांकि इसके बाद कोलकाता पुलिस ने भी उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में पांच से अधिक मामले दर्ज किए। हालांकि किसी भी मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि टीएमसी के सांसद बहुत दिनों से ईडी के रडार पर थे।
उन्हें ईडी ने पिछले साल पौंजी स्कीम मामले में पूछताछ के लिए भी बुलाया था। हालांकि केडी सिंह व उनकी कंपनी मेसर्स अल्केमिस्ट इंफ्रा रियलिटी लिमिटेड को लेकर ईडी की जांच 2016 के दौरान ही शुरू हो गई थी। मामले में मनीलांड्रिंग के आरोप लगे थे। सेबी ने इसको लेकर एक मुकदमा भी दर्ज करवाया था।
सेबी ने कहा था कि कंपनी ने अवैध रूप से पैसे की उगाही की। कंपनी इस पौंजी स्कीम को बिना सेबी की स्वीकृति के ही चालू कर दिया। लेकिन कंपनी ने कहा कि सेबी की कार्यवाही के बाद उसने लोगों के 1,077 करोड़ रुपये लौटा दिए और बाकी के पैसे भी कंपनी लौटा देगी।
इसके लिए कंपनी ने सेबी से समय मांगा था। लेकिन सेबी ने कंपनी की बात नहीं सुनी। इसके बाद पटियाला हाउस कोर्ट में उक्त मामले में आरोप-पत्र भी दाखिल किया गया था।


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मैं पिछले 19 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हूं। मैने अपने कैरियर की शुरूवात लोकल अखबारों से की। वर्ष 2001 में दैनिक भास्कर के साथ जुड़ने का अवसर मिला। 2008 की शुरूवात में दैनिक भास्कर का साथ छुटा। इसके बाद मैने इंडिया न्यूज में गाजियबाद-नोएडा में ब्यूरो प्रभारी के रूप में काम किया। कई समाचार पत्रों में काम करने के बाद अक्टूबर 2009 में एनसीआर टुडे समाचार पत्र शरू किया। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हूँ। मेरे मोबाइल नंबर 9899683800,पर किया जा सकता है।

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