वेबवार्ता. नई दिल्ली.webvarta.com। भारतीय सेना के रणबांकुरे 12 से भी अधिक अफ्रीकी देशों की सेनाओं के अधिकारियों और जवानों के साथ आगामी मार्च में संयुक्त अभ्यास करेंगे और एक- दूसरे के साथ सैन्य कौशल तथा विभिन्न अभियानों के दौरान तालमेल के गुर साझा करेंगे। आगामी 18 से 27 मार्च तक पुणे के औंध सैन्य स्टेशन तथा सैन्य इंजीनियरिंग कॉलेज में होने वाले आईएएफटीएक्स 2019 अभ्यास के दौरान संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के दौरान परस्पर तालमेल के तरीकों पर भी जोर दिया जायेगा।
दस दिन तक चलने वाले इस संयुक्त अभ्यास में हर सेना के दो अधिकारी तथा 8 जवान अपने जौहर दिखायेंगे। अभ्यास से पहले इसकी योजना तथा तैयारी के लिए 5 से 8 दिसम्बर तक एक सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें 12 अफ्रीकी देशों मिस्र, घाना, केन्या, नाइजीरिया, सेनेगल, सूडान, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, जांबिया, नामीबिया, मोजांबिक और यूगांडा के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
अभ्यास की अंतिम योजना बैठक 23 और 24 जनवरी को पुणे में होगी जिसमें अभ्यास के सभी नियमों और शर्तों को अंतिम रूप दिया जायेगा। इनमें नौ अफ्रीकी देशों मिस्र, घाना, केन्या, नाइजीरिया, सेनेगल, सूडान, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया और जांबिया के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। बैठक के दौरान उन्हें अभ्यास के अंतिम प्रारूप और तैयारियों से अवगत कराया जायेगा।
इस दौरान सभी देशों के साथ एक साझा समझौते पर हस्ताक्षर भी किये जायेंगे। आईएएफटीएक्स 2019 अफ्रीकी महाद्वीप के देशों के साथ कूटनीतिक और सैन्य संबंध बढाने की दिशा में सकारात्मक कदम है। इससे इन देशों के साथ सामरिक सहयोग भी मजबूत होगा। अभ्यास के दौरान मानवीय सहायता अभियानों और अन्य शांति अभियानों पर जोर दिया जायेगा। इसे सद्भावना अभ्यास के तौर पर भी देखा जा रहा है।