एनसीआर टुडे. नई दिल्ली। शिवसेना ने कहा है कि आठ लाख रुपये तक की वार्षिक आय को कर से मुक्त रखा जाना चाहिए। इस मांग को लेकर पार्टी के सांसद एक फरवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र में आवाज बुलंद करेंगे।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री में सोमवार को हुई पार्टी सांसदों की बैठक के बाद प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद संजय राऊत ने कहा कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण के प्रावधान में केन्द्र सरकार ने आठ लाख रुपये तक की आय वालों को गरीब माना है। इसके मद्देनजर आठ लाख रुपये तक की वार्षिक आमदनी को कर मुक्त किया जाना चाहिए।
इस संदर्भ में केन्द्र सरकार को टैक्स स्लैब में परिवर्तन करना चाहिए। राऊत ने बताया कि सांसदों की बैठक में टैक्स स्लैब में परिवर्तन करने की मांग से संबंधित एक प्रस्ताव भी पास किया गया है।
उल्लेखनीय है कि मौजूदा टैक्स स्लैब में 60 साल तक के लोगों की ढाई लाख रुपये तक की वार्षिक आय को कर से मुक्त रखा गया है। जबकि 60 साल से ऊपर के लोगों के लिए तीन लाख रुपये तक की वार्षिक आय कर से मुक्त है। भाजपा से गठबंधन के सवाल पर शिवसेना प्रवक्ता राऊत ने कहा कि बैठक में इस संबंध में किसी प्रकार की चर्चा नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिवसेना अपने बलबूते चुनाव लड़ेगी और नंबर वन रहेगी। हम बड़े भाई हैं और बड़े भाई ही रहेंगे।